युवाओं को नशे से बचाकर युवा शक्ति का राष्ट्र निर्माण में प्रयोग करना है:डॉ रूचि सिंह

बाराबंकी। नशा अपने साथ सौ बुराई लेकर चलता है। नशा व्यक्ति की सोचने समझने की शक्ति कमजोर कर देता है और शरीर की अन्तः क्रियाओं को को प्रभावित करता है।
उक्त विचार मुख्य अतिथि समाजसेवी सदानंद वर्मा अध्यक्ष आंखें फाउंडेशन ने वीणा सुधाकर ओझा महाविद्यालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर में दूसरे दिन बौद्धिक सत्र के दौरान व्यक्त किए। श्री वर्मा ने यह एक स्लोगन भी पढ़ा- हर दिल की अब यह है चाहत, नशा मुक्त हो मेरा भारत। श्री वर्मा ने देश में बेटियों की दशा दिशा पर भी चर्चा की।
विशिष्ट अतिथि एड. सुनील कुमार मौर्य ने कहा कि नशा एक ऐसी बुराई है जो हमारे समूल जीवन को नष्ट कर देती है। महाविद्यालय में चल रहे विशेष शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत सहायक कार्यक्रमाधिकारी गुलाम नबी ने लक्ष्य गीत से किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेविकाओं ने अमदहा मजरे कोटवा में ग्रामीणों को नशा मुक्ति से संबंधी जानकारी दी। ग्रामीणों को नशा से होने वाले दुष्प्रभाव व कैंसर जैसी भयानक बीमारी के बारे में बताया। विशेष शिविर के बौद्धिक सत्र में मुख्य अतिथि का स्वागत महाविद्यालय के शैक्षिक समन्वयक डॉ० दिनेश सिंह ने किया।
इस अवसर पर डॉ० रुचि सिंह प्राचार्या वीणा सुधाकर ओझा कॉलेज आफ फार्मेसी ने कहा कि हमें युवाओं को नशे से बचाकर युवा शक्ति का राष्ट्र निर्माण में प्रयोग करना है। इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित विष्णु मिश्रा, संतोष कुमार, जितेंद्र यादव, नीरज वर्मा, चंद्रेश, प्रदीप कुमार, राकेश कुमार, अर्चना यादव, मंजूलता शर्मा, सुष्मिता शुक्ला, आदि उपस्थित रहे।

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