सीमाओं पर बदलते खतरे और आधुनिक युद्ध की नई रणनीति के बीच भारत अब समुद्री सुरक्षा में तकनीक के दम पर बड़ा कदम उठाने जा रहा है। भारतीय नौसेना के लिए स्वदेशी स्तर पर विकसित अनमैन्ड इंटरसेप्टर क्राफ्ट देश की तटीय निगरानी और समुद्री सुरक्षा को नई धार देने की तैयारी में है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुणे स्थित डिफेंस स्टार्टअप सागर डिफेंस द्वारा तैयार यह क्राफ्ट पूरी तरह मेड इन इंडिया है। मानवरहित होने के कारण यह खतरनाक समुद्री अभियानों में मानव जीवन को जोखिम में डाले बिना मिशन को अंजाम दे सकता है।
यह इंटरसेप्टर लगभग 45 नॉट की तेज रफ्तार से चलते हुए लंबी दूरी तक समुद्री निगरानी में सक्षम है। इसमें रिमोट-कंट्रोल हथियार और लोइटरिंग एम्युनिशन जैसी आधुनिक तकनीक शामिल है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
खास बात यह भी है कि उन्नत तकनीक के चलते यह क्राफ्ट GPS या सिग्नल बाधा की स्थिति में भी स्वायत्त रूप से काम कर सकता है। रक्षा मामलों से जुड़ी रिपोर्ट्स में माना जा रहा है कि इससे मुंबई जैसे संवेदनशील समुद्री इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
अनमैन्ड इंटरसेप्टर क्राफ्ट केवल एक नई मशीन नहीं, बल्कि भारत की बदलती सैन्य सोच और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का प्रतीक है—जो समंदर की लहरों पर भी देश की सुरक्षा को नई मजबूती देगा।
