राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत खुरपका-मुंहपका रोग (एफ०एम०डी०) के विरुद्ध टीकाकरण अभियान के सातवें चरण का शुभारम्भ आज कलेक्ट्रेट परिसर, कन्नौज से किया गया। जिलाधिकारी श्री आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने मोबाइल वेटनरी यूनिट (पशु चिकित्सा एम्बुलेंस) को हरी झंडी दिखाकर अभियान का विधिवत शुभारम्भ किया गया।
जिलाधिकारी श्री आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने जनपद के समस्त ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक पशुपालकों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि जनपद को खुरपका-मुंहपका रोग से मुक्त बनाया जा सके।
उन्होंने पशुपालकों से भी अपील की कि वे अपने पशुओं का टीकाकरण अनिवार्य रूप से कराएं। साथ ही मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद के समस्त गोवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित सभी गोवंशों का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा० सरदूल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह टीकाकरण अभियान दिनांक 22 जनवरी 2026 से 05 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत जनपद के समस्त विकास खण्डों में पशुपालन विभाग की कुल 32 टीमें गठित की गई हैं, जो प्रत्येक ग्राम में पहुंचकर गोवंशीय एवं महिषवंशीय कुल 2,67,500 पशुओं का निशुल्क टीकाकरण पशु स्वामियों के द्वार पर सुनिश्चित करेंगी।
उन्होंने बताया कि खुरपका-मुंहपका रोग एक विषाणुजनित एवं अत्यंत संक्रामक रोग है, जो संक्रमित पशु से स्वस्थ पशुओं में शीघ्रता से फैलता है। यह रोग पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। टीकाकरण ही इस रोग से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री रामकृपाल चौधरी, अपर पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार, उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी सदर डा० अनिल कुमार भास्कर, नोडल अधिकारी एफ०एम०डी० टीकाकरण, पशुधन प्रसार अधिकारी सहित पेरावैट टीम के सदस्य उपस्थित रहे।