अंतरराज्य युवा आदान–प्रदान कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन

मेरा युवा भारत युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित अंतरराज्यीय युवा आदान–प्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद शाहजहांपुर से भी मेरा युवा भारत स्वयंसेवकों ने हिमाचल प्रदेश के मंडी जनपद में रहकर उत्तर प्रदेश और जनपद शाहजहांपुर का प्रतिनिधित्व किया। कार्यक्रम में शाहजहांपुर से दिव्यांशी मिश्रा, अभिषेक कुमार, कल्यान करिणी पांडे, कुमारी वैष्णवी, शैलेन्द्र सिंह, बुद्ध प्रिय कुशवाहा एवं शगुन सक्सेना प्रतिभागी रहे, जबकि अमित श्रीवास्तव टीम एस्कॉर्ट के रूप में युवाओं के साथ सहभागिता कर रहे थे।

जिला युवा अधिकारी मयंक भदौरिया ने बताया कि यह कार्यक्रम 23 जनवरी से 27 जनवरी तक मंडी, हिमाचल प्रदेश में आयोजित किया गया, जिसके दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर आयोजित सत्रों, माय भारत अनुभवात्मक शिक्षण, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं स्थानीय भ्रमण के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक, पारंपरिक एवं भौगोलिक विविधताओं को नज़दीक से समझा। साथ ही उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से आए युवाओं के साथ संवाद कर “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” की भावना को और सशक्त किया व MYBharat MYVote पदयात्रा में भी उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

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कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक मंडी साक्षी वर्मा व जिला युवा अधिकारी मंडी भारती मोंगरा उपस्थित रहीं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके उत्साह, अनुशासन और सक्रिय सहभागिता की सराहना की। साथ ही जिला युवा अधिकारी माय भारत शाहजहांपुर मयंक भदौरिया ने बताया कि अंतरराज्य युवा आदान–प्रदान कार्यक्रम युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को देश की विविध संस्कृतियों को समझने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम को लेकर समाजसेवी मुकेश परिहार, लेखाकार सोनम सचान, डॉ रूपक श्रीवास्तव, नीरा श्रीवास्तव एवं जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे डॉ विनय सक्सेना ने भी प्रतिभागी युवाओं को शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर टीम एस्कॉर्ट अमित श्रीवास्तव ने कहा कि “यह कार्यक्रम युवाओं के लिए केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि सीखने, समझने और स्वयं को बेहतर नागरिक के रूप में विकसित करने का अवसर रहा। पाँच दिनों तक चले विभिन्न सत्रों के माध्यम से युवाओं ने हिमाचल की संस्कृति, परंपराएँ और जीवन मूल्यों को समझा, जो उनके व्यक्तित्व और सामाजिक दृष्टिकोण को निश्चित रूप से और समृद्ध करेगा।

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