कम्पोजिट विद्यालय इचौलिया की शिक्षिका काजल वर्मा होंगी सम्मानित

 

11 हजार रुपये कीमत की तीन डेस्क विद्यालय के बच्चों को किया है दान, हो रही है प्रशंसा

बाराबंकी। सामुदायिक सहयोग प्राप्त करना किसी भी सरकारी कार्यक्रम योजना की सफलता का उच्च मानक हुआ करता है। प्राथमिक शिक्षा विभाग बाराबंकी में अनेक ऐसे शिक्षक शिक्षिकाएं हैं जिन्होंने अपने निजी संसाधनों से विद्यालयी व्यवस्थाओं को सुदृढ करने में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।

सम्पूर्ण जनपद में दर्जनों उदाहरण हैं जहाँ परिसर के सौंदर्य को बढ़ाने व पाठकीय बैठकीय व्यवस्थाओं को जुटाने में बाराबंकी के शिक्षक शिक्षिकाओं ने भावनात्मक रुप से जुड़कर अपने स्कूल को अपने घर की तरह सजाने संवारने का काम किया है।

फोटो: काजल वर्मा सहायक अध्यापिका


मसौली ब्लॉक का कंपोजिट स्कूल इचौलिया आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है जहाँ की सहायक अध्यापिका काजल वर्मा ने बच्चों की जिद पर अपने निजी संसाधनों से लगभग 11 हजार रुपये की कीमत से डेस्क खरीद कर बच्चों को उपलब्ध कराई हैं।
दरअसल हुआ यूँ कि जनपद के अनेक विद्यालयों में बाल वाटिका हेतु शिशु डेस्क की आपूर्ति सरकार द्वारा की गयी। उक्त सूची में कंपोजिट स्कूल इचौलिया, विकास खंड मसौली, का नाम नहीं था। संबधित डेस्क की फोटो बच्चों को दिखाई गयी जिससे बच्चों द्वारा अपनी प्रिय अध्यापिका काजल वर्मा से उक्त डेस्क विद्यालय लाए जाने हेतु आग्रह किया गया। लगातार कई दिन बच्चों ने काजल से आग्रह किया तो सहायक अध्यापिका काजल वर्मा द्वारा अपने वेतन से 3 डेस्क क्रय करके विद्यालयी बच्चों को उपहार स्वरूप दान कर दीं। इस दान की चर्चा हर एक की जुबान पर है। पता चला है कि काजल वर्मा प्रायः बच्चों को उपहार आदि प्रदान करती रहती हैं जिससे बच्चों की प्रिय शिक्षिका बन चुकी हैं और अब समाज से भी प्रशंसा प्राप्त कर रही हैं। विशेष रूप से शहीद उधम सिंह क्लब के संस्थापक श्री मनोज स्वतंत्र ने काजल वर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसे शिक्षकों का होना बच्चों के लिए सौभाग्य की बात होती है ,ऐसे शिक्षकों का मनोबल हमेशा बढ़ते रहना चाहिए
गुलज़ार फाउंडेशन, कमला नारायण ट्रस्ट, सरदार पटेल समाजोत्थान ट्रस्ट, आँखें फाउंडेशन सहित अनेक संस्थाओं ने शिक्षिका काजल वर्मा को सम्मानित करने का निर्णय लिया है।

खण्ड शिक्षा अधिकारी मसौली जैनेंद्र कुमार ने बताया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में विभाग का प्रयास है कि विद्यालयों के प्रति सामुदायिक जुड़ाव उत्पन्न किया जाए। इसी का परिणाम है कि संवेदनशील शिक्षक शिक्षिकाएं निजी संसाधनों से अपने अपने विद्यालयों को सज्जित करते रहते हैं। सहायक अध्य्यापिका काजल वर्मा के इस कार्य से न केवल छात्रों में अध्ययन के प्रति रुचि जगेगी बल्कि समाज के अन्य लोग प्ररेणा भी प्राप्त करेंगे।

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