NH Desk, Bhopal (Manoj Verma)
ग्वालियर/नई दिल्ली: तेल विपणन कंपनियों की कथनी और करनी में एक बार फिर बड़ा अंतर देखने को मिला है। कल तक जहाँ हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) समेत अन्य पेट्रोलियम कंपनियाँ पर्याप्त व्यवस्था और बाजार में स्थिरता का दावा कर रही थीं, वहीं आज यानी 7 मार्च 2026 की सुबह आम आदमी के लिए महंगाई की खबर लेकर आई। शनिवार तड़के ही घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में भारी इजाफे की घोषणा कर दी गई, जिससे उपभोक्ताओं के बीच भरोसे का संकट भी गहरा गया है।
कल का आश्वासन, आज का प्रहार
महज 24 घंटे पहले तक पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्र और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारी यह स्पष्ट कर रहे थे कि देश में ईंधन की पर्याप्त व्यवस्था है और कीमतों को लेकर फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। कंपनियों के इन बयानों से बाजार और आम जनता में एक राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन आज सुबह घरेलू एलपीजी (14.2 किग्रा) की कीमतों में 60 रुपये की सीधी बढ़ोतरी ने इन दावों की हवा निकाल दी है। दिल्ली में अब घरेलू सिलेंडर 853 रुपये से छलांग लगाकर 913 रुपये के पार पहुँच गया है।
कमर्शियल सिलेंडर पर भी गिरी गाज
व्यावसायिक जगत को भी कंपनियों ने कम झटका नहीं दिया है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 115 रुपये की भारी वृद्धि की गई है। राजधानी दिल्ली में अब कमर्शियल सिलेंडर की नई दर 1,883 रुपये प्रभावी हो गई है। यह विरोधाभास समझ से परे है कि जो कंपनियाँ कल तक सब कुछ नियंत्रण में होने का दावा कर रही थीं, उन्होंने रातों-रात इतना बड़ा बोझ जनता पर क्यों डाल दिया।
महत्वपूर्ण महानगरों में नई दरें (7 मार्च से प्रभावी):
* दिल्ली: घरेलू 913.00 रुपए | कमर्शियल 1,883.00 रुपए
* मुंबई: घरेलू 912.50 रुपए | कमर्शियल 1,835.50 रुपए
* कोलकाता: घरेलू 939.00 रुपए | कमर्शियल 1,995.00 रुपए
* चेन्नई: घरेलू 928.50 रुपए | कमर्शियल 2,045.00 रुपए
पारदर्शिता पर सवाल:
वरिष्ठ विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का दबाव अपनी जगह है, लेकिन कंपनियों द्वारा कल दिए गए ‘सकारात्मक’ बयानों के ठीक बाद दामों में इतनी बड़ी वृद्धि करना पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या यह रणनीतिक चुप्पी थी ताकि बाजार में अफरा-तफरी न मचे, या फिर कंपनियों के अपने आकलन में इतनी बड़ी चूक थी?
हालांकि उज्ज्वला लाभार्थियों को 300 रुपये की सब्सिडी का कवच मिलता रहेगा, लेकिन सामान्य मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह शनिवार ‘महंगाई का करंट’ लेकर आया है। प्रशासनिक गलियारों में अब इस अचानक हुई बढ़ोतरी और कंपनियों के पुराने दावों को लेकर तीखी चर्चाएँ शुरू हो गई हैं।