मधुबनी (बिहार),ज्योतिषी विज्ञान अनुसंधान केंद्र, मधुबनी में आयोजित एक भव्य अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में बिहार की युवा और प्रतिभाशाली ज्योतिषी काजल कुमारी को “ज्योतिष भास्कर सम्मान” से सम्मानित किया गया। इस प्रतिष्ठित उपलब्धि के साथ अब उनके नाम के आगे ‘आचार्या’ की उपाधि जुड़ गई है।
पटना निवासी काजल कुमारी महज 21 वर्ष की उम्र में यह सम्मान प्राप्त करने वाली देश की सबसे कम उम्र की ज्योतिषी बन गई हैं। अपनी विद्वता, गहन अध्ययन और अद्वितीय ज्योतिषीय ज्ञान के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। बताया जाता है कि वह पटना की शीर्ष 10 ज्योतिषियों में तीसरे स्थान पर भी काबिज हैं।
मिथिलांचल की पावन धरती पर आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के करीब 350 ज्योतिष विद्वानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के संस्थापक सुनील श्रीवास्तव, आयोजक आचार्य शुभम् श्रीवास्तव, आयोजन प्रभारी आचार्या तान्या श्री एवं सह-आयोजक शुभांगी श्रीवास्तव की उपस्थिति में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में दो महामंडलेश्वर सहित कई प्रतिष्ठित विद्वान भी शामिल हुए।
सम्मान स्वरूप काजल कुमारी को मिथिला की पारंपरिक शॉल, पाग (पगड़ी), मेडल, कलम, कॉपी एवं पुस्तक भेंट की गई। सम्मान प्राप्त करते समय काजल कुमारी भावुक हो गईं और मंच से अपने माता-पिता तथा देवी-देवताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि का श्रेय वह अपने परिवार और ईश्वर की कृपा को देती हैं।
कार्यक्रम के दौरान संस्थापक सुनील श्रीवास्तव ने काजल कुमारी की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
काजल कुमारी आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरी हैं। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।