सीतापुर जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान सड़़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया तथा अब तक किए गए कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
सड़क सुरक्षा के संबंध में किए गए कार्यों को प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि सड़क दुर्घटनाओं में हुयी मृत्यु का डेथ आडिट निर्धारित समयावधि में तथ्यपरक रूप से कराया जाये तथा परिवहन विभाग, चिकित्सा विभाग, पुलिस एवं लोक निर्माण विभाग/एन0एच0ए0आई0 के अधिकारी संयुक्त रूप से निर्धारित प्रारूप पर डेथ आडिट करते हुये निष्कर्षात्मक आख्या प्रस्तुत करें, जिससे भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। 10 सर्वाधिक दुर्घटना वाले थाना क्षेत्रों में चिन्हित करते हुये इनमें व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जाये। सभी मुख्य मार्गों से संबंधित चिकित्सालयों की टैगिंग करते हुये इसकी सूचना सभी ब्लैकस्पाट पर प्रदर्शित करायी जाये।
मार्ग दुर्घटना के समय एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता समय से सुनिश्चित की जाये तथा मार्ग दुर्घटना में घायल की जान बचाने वाले गुड सैमेरिटन को चिन्हित करते हुये सम्मानित किये जाने के साथ शासन द्वारा अनुमन्य राशि भी वितरित की जाये।
जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में सड़़क सुरक्षा को प्राथमिकता के रूप में लेते हुए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि चिह्नित स्थलों एवं मुख्य चौराहों पर सड़क सुरक्षा हेतु आवश्यक प्रबंध किए जाए। सड़कों के किनारे पटरियों को भी ठीक कराया जाये एवं झाड़ियों का कटान सुनिश्चित किया जाये। इसके साथ ही मुख्य मार्गों से अवैध अतिक्रमण हटवाया जाये। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिये कि चौराहों एवं तिराहों को अतिक्रमण मुक्त बनाते हुये 150 मीटर क्षेत्र को नो वेडिंग जोन घोषित किया जाये। एन0एच0ए0आई0 के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा के संबंध में प्रभावी कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जंक्शन सुधार हेतु समुचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
जिलाधिकारी ने बेहतर अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्यवाही के निर्देश भी दिए। उन्होंने पुलिस, लोक निर्माण, विद्युत, परिवहन तथा अन्य विभागों को आपसी सहयोग से कार्य करने को कहा। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालो के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाय। ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिये कि गन्ना ढुलाई में लगे वाहन यदि निर्धारित ऊंचाई से अधिक लोड पाये जायें तो उन्हें तत्काल सीज करते हुये कठोर विधिक कार्यवाही की जाये।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि जनपद में एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। नागरिकों को हेलमेट पहनने की अनिवार्यता के प्रति जागरूक किया जाए ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी हो तथा नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान भी व्यापक स्तर पर चलाया जाये। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्धारित मानकों के अनुसार ही विद्यालय वाहनों का संचालन किया जाये। वाहनों का फिटनेस, चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं सत्यापन नियमानुसार कराया जाये तथा इस संबंध में संबंधित विद्यालयों से 15 दिवस के भीतर शपथ-पत्र भी लिया जाये।
बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 सुरेश कुमार सहित पुलिस, लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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