मनुष्य को खुद भोगना पड़ेगा गलत कर्मो का फल : सुबोध कांत

एनएच डेस्क, बाराबंकी।

गोविन्द वर्मा बाराबंकी। मनुष्य द्वारा अपने स्वार्थ में किए गए गलत कर्मो का फल अवश्य खुद को भोगना पड़ता है। उक्त बातें दशहरा बाग स्थित रामलीला मैदान में सात दिवसीय श्रीमद्भाभगवत कथा के चौथे दिन चित्रकूट धाम में पधारे कथा व्यास सुबोध कांत ने कहा।

उन्होंने ने आज कथा में नरकों का वर्णन करते हुए बताया कि पाप और अधर्म करके व्यक्ति समाज से बच सकता है लेकिन परमात्मा से नही। भगवान के दरबार में अन्याय नही है। किए हुए कर्म का फल समय पर प्राप्त हो ही जाता है।

सुबोध कांत ने अजामिल की कथा सुनाते हुए कहा कि सन्त किसी न किसी युक्ति से हमारा उद्धार कर देते हैं। प्रह्लाद के प्रसंग में सुनाया गया कि हरि की भक्ति करने वाला व्यक्ति विषम से विषम परिस्थिति में भी भक्ति कर ही लेता है। साथ ही भगवान राम और भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव भी मनाया गया।

इस मौके पर किरन वर्मा, सन्दीप वर्मा, मुकेश वर्मा, उत्तम वर्मा, रामबरन यादव, विवेक अवस्थी, पकंज वर्मा, सुरेन्द्र सिंह, विमल वर्मा सहित काफी संख्या में महिलाएं, पुरुष मौजूद रहे।

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