क्षितिज के पार “पुस्तक समीक्षा”

क्षितिज के पार पुस्तक के लेखक lAS रविंद्र कुमार हैं। वह उत्तर प्रदेश कैडर के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ जनपद के जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं भारतीय प्रशासनिक सेवा में आने के पहले लेखक ने अपने करियर की शुरुआत मर्चेंट नेवी से की। मर्चेंट नेवी में अपनी सेवा के दौरान लेखक ने विभिन्न देशों की  यात्राएं की। और निश्चित रूप से इस पुस्तक को लिखने की प्रेरणा व स्तोत्र लेखक द्वारा की गई विदेशी यात्राओं के दौरान अर्जित किए गए अनुभव व ज्ञान को समाज से साझा करने की एक निष्पक्ष , ईमानदार व दूरगामी पहल है। इसके अतिरिक्त लेखक को “सिफर से शिखर तक” पुस्तक के लिए वर्ष 2020 में  प्रतिष्ठित,”अमृतलाल नागर पुरस्कार ” से सम्मानित किया गया  है।

लेखक ने पुस्तक को 18 विदेश यात्रा वृत्तांतों के माध्यम से पाठकों के समक्ष अपनी लेखन क्षमता को विभिन्न लेखन शैलियों में प्रस्तुत किया है। लेखक ने पुस्तक के पहले संस्मरणआत्मक वृतांत में अपने प्रारंभिक जीवन की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है की किसी भी बच्चे की
व्यक्तिगत रुचियां कैसे एक युवा के करियर और रोजगार की दिशा तय करती हैं। लेखक  अपने जीवन को समुद्र व जल के अत्यधिक समीप पाता है और उन्हें अपना जीवन-गुरु बताया है जो उसकी यथार्थवादी और गहरी सोच समझ को दर्शाता है।
इस पुस्तक से लेखक ने करियर व रोजगार की खोज में लगे युवाओं को भी एक बड़ी सीख दी है कि उन्हें अपने करियर व रोजगार के लिए केवल वैध, सुरक्षित और सम्मानजनक साधनों को ही चुनना चाहिए क्योंकि करियर व रोजगार के लिए चुने गए गलत रास्ते उनके जीवन को बर्बाद कर सकते हैं। पुस्तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए रामबाण हो सकती है क्योंकि पुस्तक में पृथ्वी के विभिन्न संरचनाओं जैसे दीप , महाद्वीप ,सागर, महासागर , जल संधियों, चट्टानों आदि को सरल व व्यावहारिक भाषा में बताया गया है विभिन्न देशों व महाद्वीपों के प्रसिद्ध जगह वहां से जुड़ी जानकारी व तथ्यों को बड़े रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उदाहरण के तौर पर लेखक ने भूमध्य सागर और अटलांटिक महासागर को जोड़ने वाले “जिब्राल्टर जलडमरूमध्य” पर स्थित “द रॉक “का सजीव वर्णन किया है।
पुस्तक के अधिकतर लेख व यात्रा वृतांत पृथ्वी के विभिन्न भौगोलिक हिस्सों की अदभुत ,अद्वितीय व रोमांचित करने वाली जानकारी देती है। इस पुस्तक में लेखक ने सिंगापुर,
अमेरिका , चिली , माल्टा, जिब्राल्टर, अलास्का, एलेक्जेंड्रिया और बिलबाओ की यात्राओं का विस्तृत वर्णन किया और इन सभी देशों व शहरों से जुड़ी लोगों की जीवन शैली , भाषा, खान पान,सामाजिक ,आर्थिक व राजनीतिक परिदृश्य को बड़ी रोचक ढंग से सरल भाषा शैली में वर्णन किया है।
“क्षितिज के पार ” पुस्तक यात्रा वृतांत के रूप में एक उत्कृष्ट कृति के स्वरूप में पाठकों को प्रस्तुत है। लेखक के इन यात्रा वृतांतों में विवरणआत्मक शैली, संस्मरणआत्मकता, आत्मीयता, आत्मपरकता और वर्णनात्मकता मुख्य साहित्यिक विशेषताएं शामिल हैं। इस पुस्तक में लेखक ने केवल स्थान का वर्णन ही नहीं किया है बल्कि अपनी अनुभूतियों , सांस्कृतिक अनुभवों और दार्शनिक विचारों ,कल्पनिकता का भी समावेश किया है जो पुस्तक को एक गाइड बुक से अलग एक साहित्यिक विधा के रूप में स्थापित करती है। लेखक ने प्राकृतिक दृश्यों, स्थानों और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत चित्रण किया है। लेखक ने प्रसिद्ध यात्रा वृत्तांत लेखक राहुल सांकृत्यायन जी की विशिष्ट वर्णनात्मक और विवरण_ आत्मक शैली को भी अपने अधिकतर यात्रा वृतांतों में उपयोग करके यात्रा विधा को समृद्ध किया है लेखक ने यात्रा के दौरान हुई यादगार घटनाओं और अनुभवों का संस्मरण के रूप में अच्छा वर्णन किया है।
पुस्तक की भाषा सरल, रोचक और वर्णनात्मक है जो पाठकों को अंत तक बांधे रखने में सक्षम है पुस्तक साहित्य व विशिष्ट सूचनाओं का बेहद सुंदर सम्मिश्रण है।

पुस्तक का कवर पृष्ठ यात्रा वृतांत जैसी साहित्यिक विधा व पुस्तक के शीर्षक “क्षितिज के पार” एक जहाजी की नजर से संसार के बिल्कुल अनुकूल है।

किसी पुस्तक में फोटो या चित्रण सूचनाओं, अनुभव, जानकारी व ज्ञान को और अधिक जीवंत बनाते हैं ।
प्रकाशक यथा उचित जगह पर फोटो व चित्रों का उपयोग  करके पुस्तक की रोचकता व स्पष्टता को और अधिक बढ़ा सकता था।
अंत में लेखक रविंद्र कुमार की यह पुस्तक पाठकों के लिए लेखक के अब तक की जीवन यात्रा के संघर्षों व सफलताओं का बेबाक व जीवंत लेखा जोखा है और प्रत्येक युवा जो अपने करियर व रोजगार के लिए संघर्षरत है के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।

मोबाइल नं – 7651828745

समीक्षक _ संदीप शास्वत
मोबाइल नं -7651828745

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