गाजीपुर।
जिले के ग्रामीण इलाकों से सामने आई एक बेहद चिंताजनक तस्वीर ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। तेज़ बुखार के बाद बच्चों में शारीरिक विकलांगता विकसित होने के मामले सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक 15 से 20 गांवों में दर्जनों बच्चे इस गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पहले बच्चों को अचानक तेज़ बुखार आया और कुछ समय बाद उनके हाथ-पैरों में कमजोरी, चलने-फिरने में असमर्थता और शारीरिक विकास रुकने जैसी समस्याएं दिखने लगीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने तत्काल जांच और प्रभावित बच्चों के समुचित इलाज के आदेश दिए हैं।
प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों को गांव-गांव भेजा जा रहा है, ताकि बच्चों की मेडिकल जांच कर वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। साथ ही प्रभावित बच्चों को इलाज, पुनर्वास और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
प्रारंभिक तौर पर विशेषज्ञ इसे गंभीर वायरल संक्रमण, न्यूरोलॉजिकल जटिलता या इलाज में देरी का परिणाम मान रहे हैं, हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। जिला प्रशासन ने कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह मामला न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर इलाज और निगरानी की कमी को भी उजागर करता है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बुखार या किसी भी असामान्य लक्षण को हल्के में न लें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।