बाल विवाह जागरूकता रथ एडीएम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना

*बाल विवाह मुक्त भारत का 100 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम के के तहत बाल विवाह जागरूकता रथ को अपर जिला अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
स्थान- कलेक्ट्रेट सीतापुर

आज दिनांक 28.01.2026 को महिला कल्याण विभाग द्वारा बाल विवाह की जागरूकता हेतु जागरूकता रथ को जनपद की समस्त विकास खण्डो में जागरूकता हेतु रवाना किया गया,इस अवसर पर किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य अशोक कुमार अवस्थी, बाल कल्याण समिति के सदस्य संजय शुक्ला, चाइल्ड हेल्पलाइन सीतापुर के परियोजना समन्वयक द्वारा सभी को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए हुए बताया गया कि बाल विवाह करने से बच्चों का शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास पूर्णतया नहीं हो पता है

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जिससे बालक एवं बालिकाओं का पूरा जीवन अंधकारमय बीतता है । बाल विवाह करना एक कानून अपराध है यदि कोई भी व्यक्ति बाल विवाह करता है तब उसको 1 लाख रुपए जुर्माना एवं 2 वर्ष तक का कठोरतम कारावास या फिर दोनों से दंडित किया जाएगा। परिवार, समाज, समुदाय एवं देश के प्रत्येक नागरिक को बाल विवाह रोकने हेतु सक्रिय सहभागिता के साथ बाल विवाह का अंत करना होगा तभी बाल विवाह मुक्त भारत संभव हो सकेगा और बताया गया कि विवाह करने की उम्र लड़की की 18 वर्ष से अधिक तथा लड़के की उम्र 21 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए।
इस अवसर पर उपस्थित सभी ने बाल विवाह मुक्त भारत बनाने की प्रतिज्ञा की।

“मैं शपथ लेता/लेती हूँ कि मैं बाल विवाह के खिलाफ हर संभव प्रयास करूँगा/करूँगी, यह सुनिश्चित करूँगा/करूँगी कि मेरे परिवार, पड़ोस या समुदाय में किसी भी बच्चे का बाल विवाह न हो, और बाल विवाह के किसी भी प्रयास की सूचना पंचायत और सरकार को दूँगा/दूँगी ताकि ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ का निर्माण हो सके।”
इसी क्रम मे विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी गई:जिनमे
 मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
 बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना
वन स्टॉप सेंटर
बाल सेवा योजना
स्पॉन्सरशिप योजना
• 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन
 181 महिला हेल्पलाइन
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
पति की मृत्यु पर निराश्रित महिला पेंशन योजना आदि

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