मच्छर जनित रोगों के रोकथाम के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

 आजमगढ़ में डेंगू, चिकनगुनिया एवं मलेरिया जैसे मच्छर जनित रोगों के प्रभावी उपचार, प्रबंधन एवं रोकथाम को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट लिमिटेड के वित्तीय सहयोग तथा सीएचआरआई के तकनीकी सहयोग से जनपद के एक होटल के सभागार में संपन्न हुई।
 कार्यशाला में मेडिकल कॉलेज, सौ शैय्या चिकित्सालय, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों के साथ-साथ निजी चिकित्सक एवं नर्सिंग होम संचालकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण भारत सरकार द्वारा जारी नवीन राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदान किया गया। लखनऊ से आए मास्टर प्रशिक्षक डॉ. अंबुज यादव द्वारा डेंगू, चिकनगुनिया एवं मलेरिया की समय पर पहचान, जांच, उपचार तथा रोगियों के समुचित प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने कहा कि जनपद आजमगढ़ मलेरिया उन्मूलन की दिशा में लगातार प्रगति कर रहा है, जिसमें सरकारी एवं निजी दोनों चिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी बुखार से पीड़ित रोगियों की मलेरिया जांच अनिवार्य रूप से कराने तथा डेंगू में समय पर सही उपचार पर विशेष ध्यान देने की अपील की। साथ ही सभी रोगियों की सूचना समय से यूडीएसपी पोर्टल पर दर्ज करने पर जोर दिया।
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. बी. के. राव ने इस प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाओं को अत्यंत उपयोगी बताते हुए राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के पालन की आवश्यकता पर बल दिया। नोडल अधिकारी उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अविनाश झा ने मलेरिया की पुष्टि होने पर रोगी की आयु के अनुसार तुरंत पूर्ण उपचार प्रारंभ करने एवं सूचना जिला मलेरिया इकाई को भेजने की आवश्यकता बताई।
कार्यशाला का उद्देश्य जनपद में मच्छर जनित रोगों की समय पर पहचान, सही उपचार एवं प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित कर आम जनमानस को सुरक्षित रखना है। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन पाथ संस्था की जनपद प्रतिनिधि ओजस्वीनी त्रिवेदी ने किया ।
कार्यशाला में सीएचआरआई के राष्ट्रीय प्रतिनिधि डॉ। अचिंत्य श्रीवत्स, राज्य स्तरीय प्रतिनिधि डॉ0 अमृत शुक्ला एवं श्री राहुल कुमार सहित जनपद स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। 
Spread the love with Thanks..........