ज्वलन्त मुद्दों पर प्रधानमंत्री की सामूहिक हस्ताक्षर याचिका प्रस्तुत करेंगे पेन्शनर्स

NH Desk, Lucknow

बाराबंकी  भारत सरकार एवं केन्द्रीय 8वे वेतन आयोग द्वारा पुराने पेन्शनर्स के हितों की अन्देखी से खिन्न लाखों पेन्शनर्स के प्रतिनिधि संगठन सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेन्शनर्स एसोसिएशन, उ0प्र0 ने चरणबद्ध प्रदेश व्यापी आन्दोलन का ऐलान कर दिया है, जिसके तहत प्रधानमंत्री को प्रस्तुत की जाने वाली सामूहिक हस्ताक्षर याचिका का अभियान 20 मार्च से आरम्भ करने और 21 अप्रैल को प्रदेश भर के जनपदों में धरना प्रदर्शन/विरोध सभा कर स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जायेगा। ज्ञातव्य है कि 21 अप्रैल को आल इण्डिया स्टेट गवर्नमेण्ट पेन्शनर्स फेडरेशन द्वारा भी राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन का आवाहन भी उसी कार्य को किया गया है।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ यादव द्वारा सभी जनपद शाखाओं को परिपत्र एवं सामूहिक हस्ताक्षर याचिका का प्रारूप भेजकर पूरी शक्ति से आन्दोलन को सफल बनाने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कोई मांग नहीं बल्कि वरिष्ठ नागरिक बन चुके पेन्शनरों की बची जिन्दगी के जीवन यापन की लड़ाई है। क्योंकि सरकार ने वित्त-विधेयक 2025 पारित कराते पेन्शनरों में भेद करने क तरीका बनाया और अब उसी का सहारा लेकर 8वें वेतन आयोग के टी0ओ0आर0 मंे पुराने पेन्शनरों को आयोग की परिधि से बाहर कर दिया गया है।
सचिव एस0के0 मिश्र एवं महामंत्री ओ0पी0 त्रिपाठी ने बताया कि आन्दोलन का निर्णय विगत दिनों हुए बैठक मंे लिया जा चुका है, जिसके तहत 20 मार्च से प्रधानमंत्री को भेजे जाने वाली सामूहिक याचिका में सभी पेन्शनर्स के हस्ताक्षर कराकर एवं उनसे रू0 10/- प्रति सदस्य के हिसाब से अंशदान लेकर 21 अप्रैल के पहले प्रान्तीय कार्यालय को उपलब्ध कराना है और 21 अप्रैल को प्रदेश एवं देश के सभी जिला मुख्यालयों पर पेन्शनर का धरना आयोजित कर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जायेगा।

वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मांग पत्र पर अपनी व्याख्या करते हुए मांगों का खुलासा किया जिसमें कहा गया है किः-

(1) वित्त निधेयक 2025 में पेंशनरों में तिथि के आधार पर विभेद पैदा करने वाले अंश को हटाते हुये पुराने, पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग की सीमा में लाया जाय।

(2) भारत सरकार के राजपत्र दिनांक 29.08.2008 में प्रकाशित निर्णयों के अनुसार कर्मचारियों, पेंशनरों, शिक्षकों के लिये अलग सी०पी०आई० बनाई जाय।
(3) पेंशन माननीय उच्चतम न्यायालय के पूर्ण पीठ के निर्णयानुसार लम्बी सेवा अवधि का लम्बित वेतन है, वह नान-कन्ट्रीब्यूटरी अनफण्डेड नहीं है, इसलिये ओ०पी०एस० बहाल किया जाय।
(4) पेंशनरों के राशिकरण की कटौती 10 वर्ष पर बन्द कर दी जाय।
(5) 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पश्चात् प्रत्येक पांच वर्ष पर पांच प्रतिशत पेंशन की वृद्धि की जाय।
(6) पेंशन को आयकर से मुक्त रखा जाय।
(7) करोना काल की 18 महीने का डी०ए० एरियर का भुगतान किया जाय।
(8) वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत की छूट दी जाय।
(9) आयुष्मान भारत में कैशलेस उपचार कराने की सीमा 10 लाख किया जाय।
(10) मंहगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन/पेंशन में मर्ज किया जाय।

कार्यक्रम का संचालन बाबू लाल वर्मा ने किया और गीत-संगीत कार्यक्रम में रागिनी श्रीवास्तव, मुन्नी सिंह, अशोक सोनी, सुरेन्द्र वर्मा, मधुकर खरे और सुशीला बाजपेई ने अपने मोहक दीप और कविताएं सुनाईं। उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों ने ओम प्रकाश वर्मा, अखिल भारतीय कर्मचारी फेडरेशन के राष्ट्रीय सचिव सतीश मिश्र तथा सुरेश चन्द्र श्रीवास्तव आदि रहे।

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