बाराबंकी। शिक्षकों के विभिन्न मुद्दों को लेकर यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) द्वारा प्रदेश स्तर पर आंदोलन तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में यूटा के प्रदेश अध्यक्ष के आवाहन पर जनपद बाराबंकी में 24 मार्च को टीईटी अनिवार्यता के विरोध में विशाल मशाल जुलूस का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जिले भर के शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए यूटा बाराबंकी के जिलाध्यक्ष तथा जिला महामंत्री ने बताया कि प्रदेश संगठन के निर्देश पर जनपद स्तर पर यह मशाल जुलूस आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीईटी अनिवार्यता का निर्णय शिक्षकों के हितों के विपरीत है, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है। इस निर्णय के विरोध में यूटा लगातार लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहा है।
जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार वर्मा ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन हमेशा संघर्ष करता रहा है। इसी कड़ी में 24 मार्च को बाराबंकी में आयोजित होने वाला मशाल जुलूस शिक्षकों की एकजुटता और संघर्ष का प्रतीक होगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकास खंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल होकर सरकार तक अपनी मांगों को पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
जिला महामंत्री सत्येंद्र भास्कर ने जनपद के सभी शिक्षक साथियों से अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल एक संगठन का नहीं बल्कि पूरे शिक्षक समाज के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए सभी शिक्षक अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस मशाल जुलूस को सफल बनाएं और अपनी आवाज को मजबूत करें।
यूटा पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक शिक्षकों के हितों से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं होगा, तब तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि 24 मार्च को आयोजित होने वाला मशाल जुलूस शिक्षकों की एकजुटता का बड़ा संदेश देगा और सरकार का ध्यान शिक्षकों की समस्याओं की ओर आकर्षित करेगा।