भोपाल।
इंदौर में एमडी ड्रग्स के साथ पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के दौरान पुलिस को ड्रग सप्लाई के तरीकों को लेकर कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी का दायरा केवल व्यक्तिगत नशे तक सीमित नहीं था, बल्कि वह ऐसे सोशल सर्कल और निजी आयोजनों से जुड़ा हुआ था, जहां ड्रग्स की मांग और आपूर्ति दोनों मौजूद रहती थीं। इसी आधार पर जांच एजेंसियों को शक है कि ड्रग्स की सप्लाई सुनियोजित तरीके से की जा रही थी।
पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि ड्रग्स की डिलीवरी के लिए युवतियों का इस्तेमाल किया गया, जिससे सप्लाई पर शक कम हो और नेटवर्क लंबे समय तक सक्रिय रह सके। पुलिस इसे एक सोची-समझी रणनीति मान रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा उनकी भूमिकाएं क्या थीं।
जांच के दौरान कुछ डिजिटल सुराग और संपर्कों की जानकारी भी सामने आई है, जिनके आधार पर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रग्स की सप्लाई किन शहरों तक सीमित थी और क्या इसका दायरा राज्य से बाहर तक फैला हुआ था। हालांकि, अंतर-राज्यीय कनेक्शन को लेकर अभी जांच जारी है और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही कोई निष्कर्ष सामने आएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की भी बारीकी से जांच की जा रही है। NDPS एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण में आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। जांच एजेंसियां हर पहलू को खंगालते हुए यह सुनिश्चित करने में लगी हैं कि ड्रग तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क को कानून के दायरे में लाया जा सके।