भोपाल | 26 जनवरी 2026
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश की जेलों से एक साथ कई स्थानों पर अच्छे आचरण वाले सजायाफ्ता कैदियों को रिहा किए जाने की प्रक्रिया पूरी की गई। यह रिहाई राज्य की जेल सुधार नीति और कैदियों के सामाजिक पुनर्वास की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्वालियर सेंट्रल जेल से 9 सजायाफ्ता कैदियों को रिहा किया गया, जिनमें एक महिला कैदी भी शामिल है। सभी कैदी लंबे समय से सजा काट रहे थे और जेल में उनका आचरण संतोषजनक पाया गया।
इसी क्रम में
सागर सेंट्रल जेल से भी अच्छे व्यवहार के आधार पर उम्रकैद की सजा काट रहे 9 कैदियों को रिहाई मिली।
रीवा सेंट्रल जेल में गणतंत्र दिवस के अवसर पर कई सजायाफ्ता बंदियों को समय-पूर्व रिहाई दी गई।
उज्जैन जेल से भी कुछ कैदियों को सजा में छूट के बाद रिहा किए जाने की पुष्टि हुई है।
प्रदेश स्तर पर देखें तो दर्जनों सजायाफ्ता कैदियों को राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर रिहाई का लाभ मिला है। यह सभी रिहाइयाँ जेल मुख्यालय की अनुशंसा और निर्धारित नियमों के तहत की गई हैं।
जेल प्रशासन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि कैदियों में सुधार की भावना विकसित करना, अनुशासन को प्रोत्साहित करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना है।
रिहाई के दौरान कई जेल परिसरों में भावुक दृश्य देखने को मिले, जहां वर्षों बाद परिजनों से मिलने की खुशी कैदियों के चेहरों पर साफ झलकी। रिहा हुए कैदियों ने भी अपराध से दूर रहकर नई शुरुआत करने का संकल्प जताया।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय पर्वों पर अच्छे आचरण वाले सजायाफ्ता कैदियों को रिहा करने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसे सुधारात्मक न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।