एनएच डेस्क, लखनऊ।
जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में जिला बैंकर्स सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न रोजगारपरक एवं वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में निर्धारित 1700 लक्ष्यों के सापेक्ष अब तक 991 लाभार्थियों को ऋण वितरण किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह राज्य सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं जनहितकारी योजना है, जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। जिन बैंकों द्वारा कार्य में ढिलाई बरती जा रही है, वे भ्रम में न रहें और निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने उपायुक्त उद्योग को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के भीतर सभी बैंकों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत 12 प्रस्तावित इकाइयों में से 6 इकाइयों के पूर्ण होने पर शेष इकाइयों में शीघ्र प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने आर्सेटी कन्नौज एवं तिर्वा को निर्देशित किया कि प्रशिक्षणार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करते हुए उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से जोड़कर स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाए।
पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत विभिन्न बैंकों—बैंक ऑफ इंडिया (12), केनरा बैंक (18), एचडीएफसी बैंक (5), इंडियन बैंक (68), पंजाब नेशनल बैंक (58) सहित अन्य बैंकों में लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
फसल वर्ष 2026–27 की योजना समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि रेशम कीट पालन, मधुमक्खी पालन, सब्जी, फल, फूल एवं औषधीय पौधों के उत्पादन हेतु स्वीकृत वित्तीय प्रावधानों पर विशेष फोकस किया जाए। उन्होंने नर्सरी, मेंथा/पिपरमेंट, तुलसी, मूंगफली, आलू के साथ-साथ चमेली, नागर एवं बेला जैसे पौधों को भी योजनाओं में सम्मिलित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री रामकृपाल चौधरी, जिला विकास अधिकारी श्री नरेंद्र देव द्विवेदी, उपायुक्त स्वतः रोजगार श्री राजकुमार लोधी, अग्रणी जिला प्रबंधक श्री अमरेन्द्र कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं बैंक प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।