घोघरडीहा के आशुतोष सागर की हिंदी फिल्म “बिहू अटैक” भारत में रिलीज

एनएच डेस्क, दिल्ली।

आशुतोष सागर बिहार का रहने वाला है दिल्ली में 10 साल थिएटर किया उसके बाद मुंबई हूँ मेरी पहली हिंदी फिल्म थी मुरारी डी मेड जेंटलमैन उसके बाद मैं एक बाटे बाटे दो ,थे हिडेन स्ट्राइक , वेब सीरीज दीप इन थे वुड्स डेथ वारंट मैं मुख्य भूमिका किया मैथिली में प्रेमक बरसात और अभी मैथिली वेब सीरीज गोनू झा रिलीज हो चुकी है इसके बाद तीन-चार प्रोजेक्ट मैथिली हिंदी का और आने वाली है मैं मैं 30 साल का हूं।

घोघरडीहा (मधुबनी) के लिए यह गर्व का क्षण है। हमारे नगर के निवासी आशुतोष झा से जुड़ी बहुप्रतीक्षित हिंदी फिल्म “बिहू अटैक” आज 16 जनवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। यह फिल्म असम के प्रसिद्ध कलर बिहू फेस्टिवल की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें उत्तर-पूर्व भारत में सक्रिय आतंकवादी गतिविधियों, भारतीय सेना की बहादुरी और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की सच्चाई को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है।

 फिल्म की कहानी
बिहू अटैक की कहानी असम के सांस्कृतिक उत्सव बिहू के दौरान रची गई एक खतरनाक आतंकी साजिश के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन, उत्तर-पूर्व भारत को अस्थिर करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से हमले की तैयारी करते हैं और किस प्रकार भारतीय सेना समय रहते इस साजिश को नाकाम करती है।
यह फिल्म केवल एक थ्रिलर नहीं, बल्कि देशभक्ति, बलिदान और राष्ट्रीय सुरक्षा का सशक्त संदेश देती है।

 दमदार स्टार कास्ट
फिल्म में हिंदी सिनेमा के कई जाने-माने कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं:
अरबाज खान
देसी शाह
राजा मुराद
हितेन तेजवानी
मीर सरवार
युक्ति कपूर
आशुतोष सागर

 घोघरडीहा के आशुतोष झा से जुड़ा खास पहलू
इस फिल्म में आशुतोष सागर (घोघरडीहा) ने एक चुनौतीपूर्ण और नकारात्मक भूमिका निभाई है। वे फिल्म में एक इंजीनियर आतंकवादी के किरदार में नजर आएंगे, जो पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी नेटवर्क के लिए बम बनाने का कार्य करता है। उनका किरदार कहानी में एक महत्वपूर्ण मोड़ लाता है और दर्शकों को आतंकवाद की भयावह सच्चाई से रूबरू कराता है।

 निर्देशन
फिल्म का निर्देशन किया है शुजाद इकबाल खान ने, जिन्होंने कहानी को संवेदनशीलता और रोमांच के संतुलन के साथ पर्दे पर प्रस्तुत किया है।

 दर्शकों से अपील
फिल्म से जुड़े कलाकारों और निर्माण टीम की ओर से देशवासियों से अपील की गई है कि वे इस फिल्म को अपने नजदीकी सिनेमाघरों में अवश्य देखें, ताकि उत्तर-पूर्व भारत की संस्कृति, सुरक्षा बलों की वीरता और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष को समझा जा सके।
घोघरडीहा के लिए यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि गौरव का विषय है।
स्थानीय कलाकार का राष्ट्रीय स्तर की फिल्म में अभिनय करना पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा है।

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