ग्वालियर। शराब तस्करी और धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर पुलिस और आबकारी विभाग भी दंग रह गया। एक ट्रक ड्राइवर ने अपने ही मालिक की आंखों में धूल झोंकने और हजारों लीटर शराब डकारने के लिए ट्रक पलटाने (एक्सीडेंट) की साजिश रची थी। हालांकि, ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देशन में आबकारी विभाग ने इस ‘मास्टरप्लान’ पर पानी फेरते हुए आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
साजिश का खुलासा: 2000 पेटी में से बीच रास्ते गायब हुईं 400 पेटियां
मामला 31 जनवरी का है, जब रायरू डिस्टिलरी से 2000 पेटी देसी शराब लेकर एक ट्रक जबलपुर वेयरहाउस के लिए रवाना हुआ था। रास्ते में ड्राइवर की नीयत डोल गई। उसने रास्ते में ही बीलपुरा (रायरू) स्थित अपने एक रिश्तेदार उदयभान उर्फ सोनू यादव के पशुबाड़े में 400 पेटी शराब उतार दी।
बाकी बची शराब को ठिकाने लगाने के लिए ड्राइवर की योजना यह थी कि वह आगे जाकर ट्रक को पलट देगा और इसे ‘लूट’ या ‘दुर्घटना’ का रूप दे देगा, ताकि किसी को शक न हो।
भूसे के ढेर से निकली ‘मसाला मदिरा’
आबकारी विभाग को रायरू क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की सटीक सूचना मिली थी। जब टीम ने सोनू यादव के पशुबाड़े पर दबिश दी, तो वहां नजारा देख सब हैरान रह गए। भूसे के ढेर के नीचे छिपाकर रखी गई 30 पेटी देसी मसाला मदिरा बरामद की गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
सागर के पास घेराबंदी कर पकड़ा ट्रक
आरोपियों की निशानदेही पर आबकारी विभाग ने ट्रक (MP07MA 5050) का पीछा किया। विभाग की मुस्तैदी के कारण ट्रक को सागर जिले की हीरापुर तहसील (बंडा) में धर दबोचा गया।
• बरामदगी: ट्रक से 876 पेटी शराब बरामद हुई।
• बड़ी साजिश: पूछताछ में ड्राइवर ने स्वीकार किया कि वह ट्रक को पलटाकर लूट की झूठी कहानी गढ़ने वाला था।
सभी आरोपी जेल भेजे गए
आबकारी विभाग ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। विभाग अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रहा है।
“अवैध शराब के विरुद्ध हमारा अभियान निरंतर जारी है। किसी भी प्रकार की तस्करी या धोखाधड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” — आबकारी विभाग, ग्वालियर