एनएच डेस्क, लखनऊ।
शाहजहांपुर। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल के संबंध में बैठक कैंप कार्यालय के सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निगम एवं नगर निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 03 दिनों में प्रत्येक वार्ड से अलग-अलग जगह के पानी का सैंपल लेकर लैब में टेस्ट कराया जाए। पानी की टंकियां को 15 दिनों में साफ कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि मलिन बस्तियों में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि गत 6 माह में पेयजल के संबंध में प्राप्त शिकायतों का भी अवलोकन कर कार्रवाई करना सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में सीवर लाइन एवं पेयजल पाइप लाइन के आपसी कास-कनेक्शन की नियमित जाँच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्थान पर सीवर लाइन एवं पेयजल पाइप लाइन टूटी हुई, क्षतिग्रस्त या लीकेज की स्थिति में न हो।
नगरीय क्षेत्रों में सीवर लाइन एवं पेयजल पाइप लाइन टूट-फूट अथवा रिसाव की सूचना प्राप्त होते हुए तत्काल मरम्मत / पुनर्स्थापन की कार्यवाही की जाए।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाये कि सीवर लीकेज की स्थिति में भी संबंधित क्षेत्र में में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति निर्बाध रूप से की जाए। जलापूर्ति से संबंधित पानी की टंकियों की नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। सभी कार्यों के लिए नगर निकाय, जलकल विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए।
उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में नलकूप, हैण्डपम्प, ओवर हेड टैंक, पाइप लाइन एवं अन्य उपकरणों का संचालन सही ढंग से सुनिश्चित हो जिससे स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति निर्बाध रूप से मिले। उपभोक्त्ता द्वारा उपयोग प्वांइट पर जल के नमूने एकत्र कर उनका नियमित रूप से ओ०टी० परीक्षण किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि लीकेज, टूटी फूटी पुरानी पाइप लाइनों को बदलने की कार्यवाही प्राथमिकता पर करायी जाए। इस अवसर पर नगर आयुक्त डॉ विपिन कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण सनी सिंह, शहरी मो0 अय्याज
एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी अधिकारी मौजूद रहे।