पीजी के बाद बॉन्ड अनिवार्य नहीं: इन-सर्विस सरकारी डॉक्टरों को हाईकोर्ट से राहत

जबलपुर।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत (इन-सर्विस) डॉक्टरों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद उनसे ग्रामीण सेवा का बॉन्ड भरवाना अनिवार्य नहीं है।

हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने इस संबंध में दिए गए आदेश में कहा कि मध्य प्रदेश स्वायत्त मेडिकल एवं दंत स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रवेश नियम, 2017 के तहत जो ग्रामीण सेवा बॉन्ड की शर्त है, वह केवल नए चयनित अभ्यर्थियों पर लागू होती है, न कि उन डॉक्टरों पर जो पहले से राज्य सरकार की सेवा में कार्यरत हैं।

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि इन-सर्विस डॉक्टरों को पीजी में प्रवेश पहले से निर्धारित सेवा शर्तों के अंतर्गत मिलता है, ऐसे में उन पर दोबारा बॉन्ड की बाध्यता लगाना नियमों की गलत व्याख्या होगी।

हालांकि अदालत ने यह भी साफ किया कि यदि कोई डॉक्टर सरकारी सेवा छोड़ने या पुनः सेवा में आने की स्थिति में होता है, तो उस पर सामान्य सेवा नियम लागू रहेंगे, लेकिन पीजी के बाद अलग से बॉन्ड भरने की अनिवार्यता नहीं होगी।

इस फैसले को राज्य के सरकारी डॉक्टरों के लिए महत्वपूर्ण और दूरगामी माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से पीजी के बाद बॉन्ड को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।

Related posts:

मिशन शक्ति के तहत भातखंडे नाटक अकादमी में जागरूकता अभियान चलाया गया
MPPSC 2026: पेंडिंग बैकलॉग खत्म करने के लिए इंटरव्यू प्रोग्राम में तेजी, 90% कार्यदिवसों में होंगे स...
राष्ट्रीय डाक सप्ताह का 6 से 10 अक्टूबर तक आयोजन, विविध कार्यक्रमों का होगा आयोजन - पोस्टमास्टर जनरल...
भागीरथपुरा जल संकट: जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई तेज, पाइपलाइन बदली जा रही, जिम्मेदारी तय करने की प्...
ग्वालियर सांसद ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर खेल महोत्सव और बहुउद्देशीय हॉल निर्माण की मांग की
मध्य प्रदेश के कॉलेजों में शिक्षक संकट, 76% प्राध्यापक और 56% सहायक प्राध्यापक पद खाली
नवीन जिला न्यायालय भवन का निरीक्षण, वृक्षारोपण समारोह में शामिल हुए माननीय न्यायधीश
नागरिक सुरक्षा के लिये स्वयं सेवक मनोनयन प्रक्रिया पूर्ण
Spread the love with Thanks..........