45 दिन चलेगा आंदोलन, केंद्र पर मनरेगा कमजोर करने का आरोप
नई दिल्ली।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार की ग्रामीण रोजगार नीति के खिलाफ बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए 10 जनवरी 2026 से देशव्यापी “मनरेगा बचाओ संग्राम” शुरू करने की घोषणा की है। यह आंदोलन 25 फरवरी तक लगातार 45 दिनों तक चलेगा। पार्टी का कहना है कि मौजूदा नीतियों के चलते मनरेगा अपने मूल उद्देश्य और अधिकार आधारित स्वरूप से भटक रही है।
कांग्रेस नेतृत्व के अनुसार, यह संग्राम ग्रामीण मजदूरों, किसानों और गरीब वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार नए कानूनों, बजट कटौती और भुगतान में देरी के जरिए मनरेगा को धीरे-धीरे कमजोर कर रही है।
🔹 जिला स्तर से होगी शुरुआत
कांग्रेस ने बताया कि 10 जनवरी को सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनजागरण कार्यक्रमों के साथ आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर धरना-प्रदर्शन, रैलियाँ और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे।
🔹 संसद से सड़क तक दबाव
आंदोलन के दौरान कांग्रेस राज्य मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी और संसद सत्र के समय संसद के भीतर और बाहर सरकार पर दबाव बनाएगी। 25 फरवरी को आंदोलन के समापन के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
*कांग्रेस की प्रमुख मांगें*
• मनरेगा का अधिकार आधारित स्वरूप बहाल किया जाए
• केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए प्रावधान वापस हों
• ग्रामीण मजदूरों को 100 दिन से अधिक रोजगार मिले
• मजदूरी दर बढ़ाई जाए और भुगतान समय पर हो
• लंबित मजदूरी का तत्काल भुगतान किया जाए
• पंचायतों और राज्यों के अधिकार सुरक्षित रखे जाएँ
• मनरेगा में निजीकरण और ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त हो
*राजनीतिक संदेश साफ*
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने नीतियों में बदलाव नहीं किया, तो यह संग्राम और व्यापक व तीव्र किया जाएगा।