इलाज से ठीक हो जाता है मानसिक रोगी: डॉ नूपुर

 

NH24News -Barabanki, गोविन्द वर्मा

बाराबंकी।हार्मोंस की कमी व्यक्ति को दिमागी तौर पर बीमार बना देती है।

एंजाइटी और डिप्रेशन दोनों तरह की बीमारी के पीछे हार्मोन का अहम योगदान होता है।जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ नूपुर पांडे ने बताया कि दिमागी बीमारी को ए बी सी डी चार कलस्टर में बांटा गया है।

आमतौर पर किसी व्यक्ति को देखकर उसके मानसिक स्वास्थ्य का पता नहीं चलता है।एंजाइटी वाले रोगियों में सिरोटोनिन का स्तर काफी कम हो जाता है।कलस्टर बी वाले रोगियों में अपराध करने की प्रवृत्ति अधिक बढ़ जाती है।

कलस्टर ए वाले रोगी नशेड़ी एवं सी वाले डरपोक किस्म के होते हैं। बी और डी डिप्रेशन से होता है।दिमागी बीमारी का कारण उस व्यक्ति की परवरिश तथा परिवेश होता है।

उपचार एवं काउंसलिंग कर ऐसे रोगियों को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।जिला अस्पताल में इसका इलाज उपलब्ध बताया गया है।स्कीजोक्रीनिया से ग्रस्त लोग स्वभाव से शकी होते हैं। उन्हें भी इलाज की जरूरत है।

किसी व्यक्ति का शुरुआती दौर में इलाज करने से वह जल्दी ठीक हो जाता है समय बीतने के साथ ही उसकी बीमारी जटिल हो जाती है।

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