ग्वालियर | 12 जनवरी 2026
प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस उद्देश्य से जिले की पेयजल वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
सोमवार को वीआईपी सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी पानी की टंकियों की नियमित साफ-सफाई, ट्यूबवेलों का क्लोरीनेशन तथा पेयजल की नियत अंतराल पर गुणवत्ता जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ हल किया जाए। साथ ही जहां पेयजल और सीवर लाइनें पास-पास हैं, ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित कर शीघ्र सुधार कार्य कराया जाए।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बताया कि जिले में पेयजल व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। शहरी क्षेत्र में 20 वर्ष से अधिक पुरानी जल पाइप लाइनों को बदला जा चुका है और शेष को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है।
नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय ने जानकारी दी कि निगम क्षेत्र में 1248 ट्यूबवेलों का क्लोरीनेशन किया गया है तथा पेयजल से संबंधित 112 शिकायतों का संतोषजनक निराकरण किया जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सभी टंकियों की साफ-सफाई, हैंडपंपों का क्लोरीनेशन और जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य केंद्रों में भी शुद्ध पेयजल अनिवार्य
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि जिले के सभी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों और उनके परिजनों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो। मेडिकल कॉलेज सहित सभी अस्पतालों में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने और लिफ्टों को सुचारू रखने के निर्देश दिए गए।
व्यापार मेले में सुरक्षा व पार्किंग पर विशेष ध्यान
प्रभारी मंत्री ने कहा कि ग्वालियर व्यापार मेला ऐतिहासिक महत्व का आयोजन है। मेले में आने वाले सैलानियों व दुकानदारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, पार्किंग और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।