एनएच डेस्क, लखनऊ।
सीतापुर। जिलाधिकारी राजागणपति आर0 की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व से संबंधित लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। विशेष रूप से नामान्तरण, वरासत, सीमांकन, भू-अधिग्रहण, भूमि विवाद निस्तारण, राजस्व वसूली एवं जनशिकायतों के निराकरण की प्रगति पर विभागवार चर्चा की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक तहसील स्तर पर लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में राजस्व कार्यों में शिथिलता कदापि स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नामान्तरण एवं वरासत से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से करते हुए शिकायतकर्ताओं को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए।
समीक्षा के दौरान यह भी निर्देशित किया गया कि राजस्व वसूली की प्रगति नियमित रूप से मॉनिटर की जाए तथा लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित की जाए। भूमि विवाद एवं अन्य जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु राजस्व अधिकारियों को जनता से संवाद बढ़ाने और मौके पर जाकर समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लंबित प्रकरणों की समीक्षा लगातार की जाएगी और प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि वह अपने-अपने न्यायालयों में अवश्य बैंठें। साथ ही एक साल से अधिक लम्बित वादों का निस्तारण जल्द से जल्द सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बड़े बकायदारों की सूची तैयार करते हुये उन पर कार्यवाही की जाये। तालाबों का पट्टा आवंटन मानकों के अनुरूप किया जाये तथा जिनका पट्टा आवंटन हो चुका है, उनको कब्जा दिलाया जाये। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिये कि गरीब व्यक्तियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाये। यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार की प्लाटिंग न होने पाये, यह सुनिश्चित किया जाये।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि आई0जी0आर0एस0 का गुणवत्तापरक ढंग से निस्तारण किया जाये। उन्होंने कड़े निर्देश देते हुये कहा कि आई0जी0आर0एस0 पर प्राप्त शिकायतों पर जो भी आख्या लगायी जाये, वह स्पष्ट होने के साथ ही संबंधित अधिकारी उस आख्या पर स्वयं जांच अवश्य करें एवं शिकायतकर्ता से वार्ता भी करें। ससमय सभी शिकायतों का निस्तारण किया जाये, जिससे शिकायत डिफाल्टर की श्रेणी में न आने पाये। जिलाधिकारी कड़े निर्देश दिये कि शिकायकर्ताओं से मधुर वाणी का प्रयोग किया जाये, यदि किसी शिकायतकर्ता द्वारा की गयी शिकायत किसी और स्तर की होती है तो उसको मधुर वाणी का प्रयोग करते हुये उसको जानकारी दी जाये। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता से अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी नीतीश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक खालिद अंजुम सहित, नगर मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पाण्डेय सभी उपजिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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