डीएम की अध्यक्षता में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के सम्बन्ध में बैठक सम्पन्न

एनएच डेस्क, लखनऊ।

शाहजहांपुर। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) के संबंध ईआरओ, एईआरओ के साथ बैठक कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने ईआरओ, एईआरओ निर्देश दिए कि अपना अपना लॉगिन पासवर्ड एक्टिवेट कर नोटिस जारी करने की करवाई शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि में मैपिंग न होने वाले मतदाताओं के लिए नोटिस जारी कर सुनवाई के संबंध में कार्यवाही की जाए। तीन दिनों में नोटिस देने का कार्य बीएलओ के माध्यम से पूर्ण कर लिया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि नोटिस तामिल करने के बाद व्यक्ति को कम से कम एक सप्ताह का समय दिया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि 23 लाख 18 हजार मतदाता फार्म वितरित किए गए थे जिसमें से 18 लाख 11 हजार प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि जो फॉर्म नहीं प्राप्त हुए हैं उन्हीं को नोटिस देकर संबंधित विधानसभा में ही सुनवाई करनी है। जिलाधिकारी ने कहा की सुनवाई के लिए डेढ़ सौ से अधिक लोगों की डेट ना लगाई जाए। उन्होंने बताया की सुनवाई के समय यह ध्यान रखा जाए की इसकी सुनवाई कर रहे हैं वह व्यक्ति भारत में जन्म हो तथा जन्मतिथि का साक्ष्य को देखा जाए।

जिलाधिकारी ने बताया कि निर्वाचक https://voters.eci.gov.in/ पर विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण निर्वाचक नामावली में अपना और संबंधित रिश्तेदारों का नाम देख सकते हैं और गणना प्रपत्र में विवरण उपलब्ध करा सकते हैं। सहायता के लिए, निर्वाचक संबंधित बूथ लेवल अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उन निर्वाचकों को नोटिस जारी करेगा जिनका गणना-प्रपत्र में दिया गया विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण निर्वाचक नामावली का विवरण या तो उपलब्ध नहीं है या डेटाबेस से मेल नहीं खाता है। उन्होंने बताया कि यदि 01.07.1987 से पहले भारत में जन्म हुआ हो, स्वयं के लिए कोई भी अभिलेख उपलब्ध करायें, जिससे जन्म तिथि जन्म स्थान का पता चलता हो।

यदि 01.07.1987 और 02.12.2004 के बीच भारत में जन्म हुआ है स्वयं के लिए कोई भी अभिलेख उपलब्ध करायें, जो जन्म तिथि और/या जन्म स्थान को प्रमाणित करता हो। पिता या माता के लिए कोई भी अभिलेख उपलब्ध करायें, जो जन्म तिथि और/या जन्म-स्थान को प्रमाणित करता हो।

यदि 02.12.2004 के बाद भारत में जन्म हुआ है स्वयं के लिए कोई भी अभिलेख उपलब्ध करायें, जो जन्म तिथि और/या जन्म स्थान को प्रमाणित करता हो। पिता के लिए कोई भी अभिलेख उपलब्ध करायें, जो जन्म तिथि और/या जन्म स्थान को प्रमाणित करता हो। माता के लिए कोई भी अभिलेख उपलब्ध करायें, जो जन्म तिथि और/या जन्म स्थान को प्रमाणित करता हो।

यदि अभिभावक में से कोई भारतीय नहीं है, तो अपने जन्म के समय उनके वैध पासपोर्ट और वीजा की एक प्रति उपलब्ध करायें। उन्होंने बताया स्वयं प्रमाणित अभिलेख प्रस्तुत करना होगा।

किसी भी केंद्र सरकार/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश।

01.07.1987 से पहले सरकार स्थानीय प्राधिकरणों/बैंकों/डाकघर/एलआईसी/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा भारत
में जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाणपत्र/अभिलेख।
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
पासपोर्ट

मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्ववि‌द्यालयों द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन शैक्षणिक प्रमाण पत्र, सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
सक्षम प्राधिकारी दवारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ भी हो)
राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर। सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र देना होगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यह कार्य बहुत महत्वपूर्ण है इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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