ग्वालियर में एनएसजी का बड़ा सुरक्षा अभ्यास, फरवरी में रात के अंधेरे में मॉक ड्रिल

ग्वालियर।
देश की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में ग्वालियर में एक अहम सुरक्षा अभ्यास होने जा रहा है। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) की काउंटर टेररिस्ट टास्क फोर्स के करीब 140 कमांडो फरवरी के पहले सप्ताह में ग्वालियर में मॉक ड्रिल करेंगे। यह अभ्यास 4 से 7 फरवरी तक रात्रिकालीन समय में आयोजित किया जाएगा।

यह मॉक ड्रिल महाराजपुरा एयरबेस, मुरार छावनी और टेकनपुर स्थित बीएसएफ अकादमी जैसे सामरिक दृष्टि से संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर की जाएगी। अभ्यास के दौरान वास्तविक परिस्थितियों का आभास कराते हुए आतंकवादी हमले जैसी स्थितियों से निपटने की तैयारी को परखा जाएगा।

कई एजेंसियों के बीच समन्वय की होगी परीक्षा

इस अभ्यास में एनएसजी के साथ-साथ ग्वालियर पुलिस, जिला प्रशासन, आपातकालीन सेवाएं, अग्निशमन दल, चिकित्सा टीमें और अन्य स्थानीय एजेंसियां भी शामिल रहेंगी। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी घटना की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी तालमेल और जमीनी स्तर की तैयारी को मजबूत करना है।

ग्वालियर के सामरिक महत्व के कारण चयन

एनएसजी अधिकारियों द्वारा जिला प्रशासन को पूर्व में भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ग्वालियर का सामरिक, सैन्य और ऐतिहासिक महत्व, साथ ही क्षेत्र में वीआईपी और पर्यटकों की नियमित आवाजाही, इसे इस तरह के अभ्यास के लिए उपयुक्त बनाती है। इसी आधार पर ग्वालियर को मॉक ड्रिल के लिए चुना गया है।

तैयारियों की निगरानी के लिए पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी

अभ्यास की तैयारियों की समीक्षा और समन्वय के लिए एनएसजी के डिप्टी कमांडेंट गौतम सिंह ग्वालियर पहुंचे हैं। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मॉक ड्रिल के दौरान असामान्य गतिविधियों, सायरन या सुरक्षा मूवमेंट से घबराएं नहीं, यह केवल अभ्यास का हिस्सा होगा।

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