ईमानदारी और स्वच्छता जैसे गुणों का होगा स्कूल स्तर पर मूल्यांकन
ग्वालियर/भोपाल।
मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र (RSK) द्वारा सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षाओं के पैटर्न में बदलाव के साथ-साथ छात्रों के व्यवहार और सामाजिक गुणों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अब बच्चों का मूल्यांकन केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ईमानदारी, स्वच्छता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गुणों का भी आकलन किया जाएगा।
हालांकि यह स्पष्ट किया गया है कि ईमानदारी और स्वच्छता जैसे गुणों को बोर्ड परीक्षा के 100 अंकों में शामिल नहीं किया गया है। यह मूल्यांकन सह-शैक्षिक (Co-Scholastic) श्रेणी में किया जाएगा, जिसमें स्कूल स्तर पर शिक्षक द्वारा ग्रेड दिए जाएंगे।
अंकों से अलग, लेकिन शिक्षा का अहम हिस्सा
राज्य शिक्षा केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार यह ग्रेडिंग छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर की जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों में प्रारंभिक स्तर से ही स्वच्छ आदतें, ईमानदार व्यवहार और सामाजिक मूल्यों की समझ विकसित करना है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल बच्चों को केवल परीक्षा पास करने वाला नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बोर्ड परीक्षा में क्या रहेगा यथावत
• बोर्ड परीक्षा का अकादमिक मूल्यांकन 100 अंकों का ही रहेगा
• अर्द्धवार्षिक, वार्षिक लिखित परीक्षा और आंतरिक/प्रोजेक्ट मूल्यांकन का पैटर्न पहले से घोषित अनुसार लागू होगा
• ईमानदारी और स्वच्छता का ग्रेड पास-फेल या मेरिट को सीधे प्रभावित नहीं करेगा
स्पष्ट संदेश
यह व्यवस्था अंकों की दौड़ से अलग हटकर शिक्षा में संस्कार और चरित्र निर्माण को महत्व देने की पहल के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में इसका असर स्कूलों के शैक्षिक वातावरण और बच्चों के व्यवहार में दिखाई दे सकता है।