*भोपाल/ग्वालियर | 13 फरवरी, 2026*
मध्यप्रदेश में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय ‘कलेक्टर-कमिश्नर प्रशिक्षण सम्मेलन’ में ग्वालियर जिले ने अपनी विशिष्ट कार्यप्रणाली से न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों के लिए एक मानक (बेंचमार्क) भी स्थापित किया है।
*ग्वालियर की तैयारियों पर लगी मुहर*
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री *डॉ. मोहन यादव* और मुख्य सचिव *श्री अनुराग जैन* की उपस्थिति में रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त *श्री मृत्युंजय कुमार नारायण* ने ग्वालियर जिले की प्रारंभिक तैयारियों की खुले मन से सराहना की। ग्वालियर कलेक्टर *श्रीमती रुचिका चौहान* और नगर निगम आयुक्त *श्री संघ प्रिय* द्वारा किए गए सूक्ष्म नियोजन और डाटा प्रबंधन के कार्यों को ‘अनुकरणीय’ बताते हुए उन्हें बधाई दी गई।
> “ग्वालियर ने जनगणना की पूर्व तैयारियों को लेकर जो ब्लूप्रिंट तैयार किया है, उसके अनुभव अन्य जिलों के लिए मार्गदर्शक साबित होंगे।”
> — *रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त*
*दो चरणों में संपन्न होगा ‘महा-अभियान’*
भारत की जनगणना को दुनिया का सबसे बड़ा प्रशासनिक अभ्यास माना जाता है। इस बार भी यह प्रक्रिया दो महत्वपूर्ण चरणों में पूरी की जाएगी:
1. *प्रथम चरण:* इसमें मुख्य रूप से आवासीय और अन्य भवनों की सूची तैयार की जाएगी (House Listing)।
2. *द्वितीय चरण:* इस चरण में जनसंख्या की वास्तविक गणना की जाएगी।
विदित हो कि जनगणना अधिनियम, 1948 की शक्तियों का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार ने 16 जून 2025 को ही इसकी अधिसूचना जारी कर दी थी। यह प्रक्रिया ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर देश के जनसांख्यिकीय और आर्थिक आंकड़ों का सबसे विश्वसनीय स्रोत होती है।
*रतलाम और सिवनी के कार्यों को भी मिली सराहना*
प्रशिक्षण सम्मेलन में केवल ग्वालियर ही नहीं, बल्कि *रतलाम* और *सिवनी* कलेक्टर्स द्वारा की गई तैयारियों को भी सराहा गया। शासन का स्पष्ट मानना है कि यदि प्रारंभिक तैयारियां पुख्ता हों, तो गणना के दौरान त्रुटियों की संभावना न्यूनतम हो जाती है।