भोपाल।
मध्य प्रदेश में आम जनता को सुलभ, सुरक्षित और किफायती परिवहन सुविधा देने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य में लगभग 21 वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर सरकारी बस सेवा शुरू की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना को ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ नाम दिया गया है।
सरकारी स्तर पर तैयार की गई योजना के अनुसार, इस बस सेवा के तहत राज्य के 25 जिलों में 6,000 से अधिक मार्गों पर बसों का संचालन किया जाएगा। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों को भी मजबूत परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है।
*हजारों बसें, चरणबद्ध संचालन*
योजना के अंतर्गत 10,000 से अधिक बसों का परिचालन चरणबद्ध तरीके से किए जाने का प्रस्ताव है। शुरुआती चरण में चयनित शहरों और जिलों को जोड़ा जाएगा, इसके बाद सेवा का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा। अप्रैल 2026 से बस सेवा शुरू होने की तैयारी बताई जा रही है।
*PPP मॉडल पर होगा संचालन*
सरकारी बस सेवा को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत संचालित किया जाएगा। इसके लिए एक होल्डिंग कंपनी के गठन की भी योजना है, जो बस संचालन, रखरखाव और बस टर्मिनल विकास जैसे कार्यों की निगरानी करेगी।
*नए साल का बड़ा तोहफा*
सरकार इसे नए साल में प्रदेशवासियों के लिए बड़ा तोहफा मान रही है। खास तौर पर उन यात्रियों को राहत मिलेगी, जो निजी बसों की महंगी दरों और सीमित सुविधाओं से परेशान हैं।
*ग्रामीण इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ*
यह योजना केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छोटे कस्बों और गांवों को जिला व संभाग मुख्यालयों से सीधे जोड़ने का काम करेगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच आसान होगी।
📌 कुल मिलाकर, ‘सुगम परिवहन’ योजना को प्रदेश की परिवहन व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में आम जनता की दैनिक यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाएगी।