गुलाबी गैंग का कंबल वितरण

 

एनएच डेस्क, महोबा।

महोबा में आज गुलाबी गैंग ने अपनी शक्ति और सेवा का अनूठा प्रदर्शन किया। नववर्ष के अवसर पर आयोजित वार्षिक अधिवेशन में बुंदेलखंड कमांडर फरीदा बेगम के नेतृत्व में हजारों महिलाओं ने हुंकार भरी। इस दौरान महिला उत्पीड़न के खिलाफ नारेबाजी हुई और 2100 जरूरतमंद महिलाओं को कंबल वितरण का संकल्प लिया गया। प्रशासन द्वारा अनुमति में देरी के बावजूद, गुलाबी गैंग का यह शीतकालीन उत्सव चर्चा का विषय बना हुआ है।

बुंदेलखंड की धरती पर जब गुलाबी साड़ियों का सैलाब उमड़ता है, तो वह हक और इंसाफ की गूंज बन जाता है। महोबा के ऐतिहासिक आल्हा चौक स्थित अंबेडकर पार्क में आज राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त ‘गुलाबी गैंग’ का वार्षिक अधिवेशन आयोजित हुआ। नववर्ष के पहले दिन आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर से हजारों महिलाएं शामिल हुईं, जिन्होंने सड़कों पर उतरकर महिला उत्पीड़न के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी एकजुटता का परिचय दिया। अधिवेशन का मुख्य आकर्षण कंबल वितरण कार्यक्रम रहा। गुलाबी गैंग की बुंदेलखंड कमांडर फरीदा बेगम ने इस वर्ष 2100 गरीब महिलाओं को शीतकालीन राहत देने का लक्ष्य रखा है। कार्यक्रम के पहले चरण में ग्रामीण अंचलों से आई 1100 महिलाओं को कंबल बांटे गए, जबकि शेष कंबल ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर वितरित किए जाएंगे। कड़कड़ाती ठंड में कंबल पाकर महिलाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि उनकी कमांडर हर साल बिना किसी सरकारी सहायता के उन्हें यह उपहार देकर अपार स्नेह जताती हैं।

​ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कैबिनेट मंत्री बादशाह सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी संजय साहू मौजूद रहे। संजय साहू ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुलाबी गैंग आज विश्व भर में सशक्तिकरण का प्रतीक है। उन्होंने जोर दिया कि संगठन के बिना महिलाओं को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं, लेकिन संगठित होने पर प्रशासन को भी झुकना पड़ता है। उन्होंने गांव-गांव में लघु उद्योग स्थापित कर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और बेटियों की शिक्षा पर विशेष बल दिया।

हालांकि, इस आयोजन के दौरान कमांडर फरीदा बेगम का दर्द भी छलक पड़ा। उन्होंने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक नेक कार्य की अनुमति लेने के लिए उन्हें बहुत परेशान किया गया। फरीदा बेगम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि परमिशन नहीं मिलती, तो यह सेवा कार्य विरोध प्रदर्शन में बदल जाता। प्रशासन की अड़ंगेबाजी के बावजूद गुलाबी गैंग ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना उत्सव मनाया।

गुलाबी गैंग जिंदाबाद और नारी शक्ति जिंदाबाद के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति ने यह साफ कर दिया कि बुंदेलखंड की महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और किसी भी बाधा से डरने वाली नहीं हैं।

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