भ्रष्टचारियों को बचाने मे जुटे जांच अधिकारी

NH Desk Barabanki,  गोविन्द वर्मा

बाराबंकी। निगरानी करने वाले जब भ्रष्टाचारियों के संरक्षण में खुलकर आ जाए तो सरकार द्वारा जारी योजनाओं पर पानी फेरने से भला कौन रोक सकता है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए तैनात खंड विकास अधिकारी द्वारा भ्रष्ट कर्मचारी को बचाने में इस कदर मशगूल हुए कि वह अपनी रिपोर्ट बार बार बदल रहे हैं।

मामला विकासखंड फतेहपुर की ग्राम पंचायत नन्दरासी का है। यहां निजामपुर गांव में चकमार्ग की कागजों पर पटाई कर जुलाई 2021 में तत्कालीन प्रधान रामनिवास, सचिव सुधाकर व तकनीकी सहायक सुरेन्द्र कुमार द्वारा पैसा निकाल लिया गया। ग्रामीणों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार इस चकमार्ग पर लगभग 10 वर्षों के अधिक समय से कोई पटाई कार्य नहीं हुआ है। भ्रष्ट नौकरशाही द्वारा इस चकमार्ग पर फर्जी मस्टररोल जारी करके पैंतालीस हज़ार चौरासी रुपया हजम कर लिया गया।इसके सम्बंध में 23 जून 2025 को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी।खंड विकास अधिकारी फतेहपुर के द्वारा लगाई गई जांच रिपोर्ट में लिखा गया कि विगत 5 साल से निजामपुर में प्रेमचन्द के खेत तक चकबंध निमार्ण का कोई कार्य हुआ ही नही है।

तत्कालीन प्रधान रामनिवास सचिव सुधारकर तकनीकी सहायक सुरेन्द्र कुमार के विरुद्ध कोई कार्रवाई ना होता देख ग्रामीणों ने पुनः10 सितम्बर 2025 को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। दूसरी शिकायत का निस्तारण करते समय खंड विकास अधिकारी फतेहपुर ने रिपोर्ट लगाई कि प्रेमचंद वर्मा के खेत की तरफ़ से चकमार्ग की पटाई कराई जा रही थी जिसमें विवाद हो जाने पर कार्य को रोक दिया गया था। ग्रामीणों द्वारा पुनः 29 नवम्बर 2025 को मुख्यमंत्री पोर्टल व जिलाधिकारी को शिकायत की गई तो खंड विकास अधिकारी फतेहपुर ने जांच रिपोर्ट में सचिव अजीत कुमार वर्मा के अवकाश पर होने का हवाला देते हुए जांच के लिए अलग से समय देने की बात कही है।

एक ही शिकायत की जांच में अलग अलग रिपोर्ट भेजना साफ जाहिर करता है कि जांच अधिकारी जिला प्रशासन को गुमराह करने के साथ ही भ्रष्टाचारियों को बचाने में लगे हुए हैं।

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