आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार कटिबद्ध : परमार

ग्वालियर: प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने रविवार को शासकीय स्वशासी आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय ग्वालियर की साधारण सभा की बैठक में प्रदेश सरकार के आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है और इसके विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

बैठक में मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इनमें छात्रों के लिए हॉस्टल, सभागार और प्रयोगशाला निर्माण की योजना शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने महाविद्यालय के चिकित्सालय में आने वाले मरीजों से ऑनलाइन फीस जमा करने का प्रस्ताव रखा, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। मंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि महाविद्यालय का एक दल देश के अन्य आयुर्वेदिक महाविद्यालयों का दौरा करे, जहां आयुर्वेद के क्षेत्र में नवाचार किए जा रहे हैं, ताकि ग्वालियर में भी उन नीतियों और पद्धतियों का अनुसरण किया जा सके।

इस दौरान मंत्री ने आयुर्वेद के क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी एक सम्मानित चिकित्सा पद्धति के रूप में मान्यता प्राप्त है और कई देशों में इसके क्षेत्र में काम हो रहा है।

बैठक में महाविद्यालय के स्वशासी शिक्षकगण, प्रोफेसरगण, विद्यार्थियों के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय के स्वशासी शिक्षकगण और अन्य कर्मचारियों के समयमान वेतन देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की और आश्वासन दिया कि सरकार इस दिशा में जरूरी कदम उठाएगी।

इसके बाद, श्री परमार ने महाविद्यालय में आयोजित नवनियुक्त आयुर्वेद चिकित्साधिकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी भाग लिया। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे चिकित्सकों से कहा कि वे अपनी निष्ठा और समर्पण से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। मंत्री ने यह भी बताया कि प्रशिक्षण के बाद सभी चिकित्सकों को उनके निवास क्षेत्र के संभाग में ही नियुक्त किया जाएगा, ताकि आयुर्वेद के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को चिकित्सा सुविधा मिल सके।

इस अवसर पर संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, महाविद्यालय के प्राचार्य श्री के एस शर्मा, एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे चिकित्सक और प्रोफेसर भी उपस्थित थे।

मंत्री श्री परमार ने इसी दिन जीवाजी विश्वविद्यालय का भी निरीक्षण किया और विश्वविद्यालय की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया। इस दौरान कुलपति ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों और योजनाओं के बारे में उन्हें जानकारी दी।

आगे, मंत्री श्री परमार ने 25 नवम्बर को उच्च शिक्षा विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित करने का ऐलान किया, जिसमें प्रदेश के उच्च शिक्षा से संबंधित मामलों की समीक्षा की जाएगी।

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