Siddharthagar
लोहिया नगर वार्ड नं. 5 में जनवरी 2025 में कराए गए इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। क्षेत्र के सभासद प्रतिनिधि दीपक कुमार ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार और संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) की मिलीभगत से मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण सड़क एक वर्ष भी पूरा नहीं कर पाई और कई स्थानों पर धंसने लगी है।
दीपक कुमार का कहना है कि निर्माण कार्य के समय ही उन्होंने गुणवत्ता को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्य को मानक के अनुरूप बताते हुए मामले को दबा दिया गया। अब सड़क की वास्तविक स्थिति सामने आने पर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका आरोप है कि यदि कार्य गुणवत्तापूर्ण होता तो इतनी कम अवधि में इंटरलॉकिंग धंसने की नौबत नहीं आती।
स्थानीय निवासियों ने भी बताया कि सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और इंटरलॉकिंग ईंटें उखड़ रही हैं, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और खराब होने की आशंका जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी धन खर्च होने के बावजूद टिकाऊ निर्माण न होना सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है।
सभासद प्रतिनिधि ने आला अधिकारियों और डूडा विभाग से सवाल करते हुए कहा है कि इस प्रकार की अनियमितताएं कब तक चलती रहेंगी। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने जिलाधिकारी से मामले को संज्ञान में लेकर तकनीकी जांच कराने, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने तथा संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार की पुनरावृत्ति न हो।