*ग्वालियर | 09 फरवरी, 2026*
ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय का दत्तोपंत ठेंगडी सभागार आज नारी शक्ति के संकल्प और उत्साह का साक्षी बना। अवसर था *’विकसित भारत बजट 2026-27’* के संदर्भ में आयोजित भव्य महिला संवाद कार्यक्रम का, जहाँ प्रदेश की मातृशक्ति ने भविष्य के भारत की रूपरेखा पर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के *कैबिनेट मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह* (सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग) उपस्थित रहे। इस गरिमामयी आयोजन में *महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अश्विनी परांजपे* की विशेष उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया।
*बजट नहीं, महिला सशक्तिकरण का रोडमैप: मंत्री कुशवाह*
बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक उत्थान का ऐतिहासिक रोडमैप है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बजट में किए गए प्रावधान भारत को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ आधी आबादी को विकास की मुख्य धारा में सबसे आगे खड़ा करेंगे।
*वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति*
संवाद कार्यक्रम के दौरान संगठन और सत्ता के कई प्रमुख चेहरे एक मंच पर नजर आए। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती नीलिमा शिंदे, पूर्व जिला अध्यक्ष द्वय श्री अभय चौधरी एवं श्री कमल माखीजानी, जिला महामंत्री श्री विनय जैन, श्री विनोद शर्मा तथा श्री राजू पलैया सहित वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
साथ ही, पूर्व महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता, श्रीमती सुमन शर्मा, श्रीमती खुशबू गुप्ता, श्रीमती मीना, श्रीमती ममता भीलवार, श्रीमती अर्पणा पाटिल, अंजली रायजादा, श्रीमती किरणलता भदौरिया, श्रीमती ममता भदौरिया, श्रीमती मीना चौहान और श्रीमती कामना सिंह भदौरिया सहित अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधियों एवं कर्मठ कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सफल बनाया।
यह संवाद कार्यक्रम इस बात का प्रमाण रहा कि ‘विकसित भारत’ के निर्माण में ग्वालियर की मातृशक्ति अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। वक्ताओं ने एक स्वर में इस बजट को जनकल्याणकारी बताते हुए इसे ‘अमृत काल’ का सबसे प्रभावी कदम करार दिया।