15 दिवसीय निशुल्क संस्कृत नाटक कार्यशाला के पश्चात प्रशिक्षित कलाकारों ने किया शानदार अभिनय

रामनगर बाराबंकी। क्षेत्र के अशोकपुर चाचू सराय के रामलीला मंच पर उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ एवं आदर्श सेवा संस्थान बाराबंकी के संयुक्त तत्वाधान में 15 दिवसीय निशुल्क संस्कृत नाट्य कार्यशाला के समापन के अवसर पर महान प्रखर कवि पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की अमर कृति राम की शक्ति पूजा पर आधारित आदि शक्ति राम शक्ति का सुंदर मंचन किया गया

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व विधायक शरद कुमार अवस्थी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया विशिष्ट अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता रत्नेश कुमार, पंकज चतुर्वेदी, संत कुमार उपाध्याय सहित कई पत्रकार व कवि गणमान्य लोग उपस्थित हुए। इस मौके पर पूर्व विधायक शरद कुमार अवस्थी ने कहा कि संस्कृत भाषा मानवीय मूल्य की संवाहक है जो संस्कृत साहित्य में वसुधैव कुटुंबकम् यानि विश्व एक परिवार है का सन्देश देता है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति मेँ सर्वे भवंतु सुखिनः जैसी उदारवादी भावनाएं निहित हैं जो वैश्विक शांति और नैतिकता को बढ़ावा देती है जिसके आदर्श हमारे श्री राम हैं। बिरजू संस्थान के अध्यक्ष सामाजिक कार्यकर्ता रत्नेश कुमार ने अपने सम्बोधन मेँ कहा कि संस्कृत भाषा सांस्कृतिक और ज्ञान की धरोहर है जो भाषा की जननी है। वहीं समाजसेवी अमित भैया “राम जी” ने कहा कि संस्कृत भाषा का महत्व अतुलनीय है। क्योंकि यह न केवल विश्व की प्राचीनतम और सबसे समृद्ध भाषाओं में से एक है इसलिए इसे देववाणी कहा गया है।

कार्यक्रम के कुशल प्रशिक्षक एवं निर्देशक ललित कुमार पोखरिया ने बताया है कि इस 15 दिवसीय प्रशिक्षण दौरान संस्कृत भाषा, ज्ञान एवं शिक्षण का ज्ञान, संस्कृत विद्वान डॉ अनिल कुमार गौतम, नाट्यशास्त्र के उद्भट विद्वान डॉ अशोक कुमार शतपथी, एसोसिएट प्रोफेसर संस्कृत एवं प्रकृति भाषा विभाग लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ द्वारा भारतीय नाट्यशास्त्र और उसमें निदर्शित अभिनय एवं रस सिद्धांत पर महत्वपूर्ण व्याख्यान प्रदान किया। उन्होंने बताया कि मेरे द्वारा प्रतिभागियों को आंगिक अभ्यास उच्चारण, अभिनय कला, संवाद आदि का प्रशिक्षण कराया गया, उसका परिणाम आज के प्रभावशाली मंचन के रूप में देखने को मिला।
नाटक आदि शक्ति राम शक्ति भूमिका में राम की भूमिका में सुमित श्रीवास्तव, लक्ष्मण अभिनव सिंह, हनुमान अभिजीत सिंह तथा मां भीमा आकांक्षा पांडे ने अपने अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया इस प्रकार सभी कलाकारों ने नाट्यशास्त्र में वर्णित रस भाव और भंगिमाहों का प्रभावी प्रयोग किया जिसमें पूरा वातावरण नाट्यमय और जीवंत हो उठा इस संस्कृत नाट्यमंचन में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 20 कलाकारों ने भाग लिया।

कार्यक्रम आयोजक डॉ सुरेश चंद्र शर्मा,प्रबंधक, आदर्श सेवा संस्थान ने आए हुए मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि को प्रतीक चिन्ह,अंग वस्त्र तथा माल्यार्पण कर स्वागत किया गया रचनात्मक सहयोग में रामलीला सेवा समिति, अशोकपुर चाचू सराय से मोहम्मद इरफान, राय सिंह ,सतीश यादव, शिवम यादव, लालू यादव, गोविंद शर्मा ,रवि शर्मा, शरद शर्मा ,अनुज कुमार, गीतकार साहब नारायण शर्मा, दीपक दिवाकर वर्मा ,अनुज रावत वह मनीष रावत तथा अंजलि रावत ने कार्यक्रम सफल बनाने में भरपूर सहयोग किया। इसके अलावा क्षेत्र के तमाम गणमान्य सहित हजारों की संख्या में दर्शक उपस्थित थे। मंच का संचालन कवि हरिदत्त पांडे ने किया।

कार्यक्रम के अंत में संस्थान के प्रमुख आयोजक डॉ सुरेश चंद शर्मा ने नाट्य निर्देशक कलाकारों व उपस्थित दर्शकों को धन्यवाद दिया और आभार प्रकट किया।

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