शिवपुरी स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान के सांख्यसागर जलाशय में लंबे समय से जलकुंभी की समस्या बनी हुई थी, जिससे जलाशय की स्वच्छता और जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) मद के तहत 1.20 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक बीड हार्वेस्टिंग मशीन प्राप्त हुई।
शिवपुरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री सिंधिया ने इस मशीन का उद्घाटन किया। इसके बाद मशीन को जलाशय में चलवाकर उसकी कार्यक्षमता का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि यह मशीन जलकुंभी को हटाने में तेजी लाएगी और जलाशय को स्वच्छ और पारिस्थितिक रूप से समृद्ध बनाएगी। जलाशय की सफाई से न केवल पर्यावरणीय संतुलन बहाल होगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं:
स्थानीय प्रशासन और पर्यावरणविदों ने इस पहल की सराहना की। उनका मानना है कि जलकुंभी की सफाई से जलाशय का प्राकृतिक सौंदर्य लौटेगा और इससे आसपास के क्षेत्रों की जैव विविधता को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
इसके साथ ही, इस प्रयास से माधव राष्ट्रीय उद्यान में आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव मिलेगा, जिससे क्षेत्र के पर्यटन और आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
पृष्ठभूमि:
सांख्यसागर जलाशय माधव राष्ट्रीय उद्यान का एक प्रमुख हिस्सा है, जो कई जलचर और पक्षी प्रजातियों का घर है। जलकुंभी के अत्यधिक फैलाव से जलाशय की क्षमता और पारिस्थितिक महत्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था। बीड हार्वेस्टिंग मशीन का उपयोग इस समस्या का स्थायी समाधान लाने में मदद करेगा।
यह कदम शिवपुरी के पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।